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हाल ही मे भारत सरकार ने 20 लाख करोड के पैकेज का ऐलान किया था लेकिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने उस पैकेज को लोन पैकेज मे तब्दील कर दिया जिससे ये हुआ कि जो फायदा सीधा गरीबो को मिलने जा रहा था वो अब नही मिलेगा बल्कि सरकार ने लोगो को कर्ज लेने के लिये प्रेरित करने का काम किया हैं।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने लोन मेला लगाने की बात कही जिसमे उन्होने बिना ब्याज के कर्ज देने की बात कही लेकिन सरकार ने देश की वर्तमान समस्या आर्थिक तंगी को नजरअंदाज किया क्यो? आज जरुरत थी कि देश के सबसे गरीब परिवारो को सीधी आर्थिक तथा वित्तीय सहायता दी जाये लेकिन मोदी ने उन्हे कर्ज मे डुबोने की योजना बनायी।

इस पर कांग्रेस प्रवक्ता राजीव त्यागी ने कहा कि सरकार ने आत्मनिर्भर भारत की बात तो कही है लेकिन वो कर्जनिर्भर भारत के मिशन पर काम कर रहे है गौरतलब है कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने नरेंद्र मोदी को सुझाव दिया था कि वो गरीब परिवारो के खाते मे 7500 रु की वित्तीय सहायता दे ताकि उन्हे संबल मिल सके लेकिन केंद्र सरकार ने इस सुझाव को स्वीकार नही किया लिहाजा परिणाम ये हुआ पिछले कुछ दिनो से लगातार भूखमरी से देश मे मौते हो रही है क्योकि लॉकडाउन मे वो आर्थिक तंगी से जूझ रहे है उनके पास खाने को पैसे नही हैं।

ऐसे मे सरकार पर प्रश्नचिन्ह लगते है कि वो अपनी जवाबदेही क्यो नही समझती क्यो वो कर्ज मे गरीबो को झोंक रही है गरीबो को न्याय जैसी योजना की जरुरत है जिसकी छत्तीसगढ मे शुरुआत की गयी हैं।