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जो सत्ता में रहा उसने कुछ तो किया ही हैं भले वो अंग्रेज ही क्यों ना हो, कुछ तो किया ही था। अंग्रेजो की बात करे तो अंग्रेजों ने डाक सेवा शुरू की और ट्रेन चलाने की पटरियां बिछायी और एयरपोर्ट तक बनाएँ।

लेकिन कुछ ऐसे लोग हैं जिसे आप भक्त कह सकते हैं क्योंकि सोशल मीडिया ने इनका नाम यही दिया हैं. इन भक्त का आरोप हैं की कांग्रेस ने सत्तर साल में कुछ नहीं किया हैं. हालाँकि भक्तों की भी इसमें गलती नहीं हैं. ये बात प्रधानमंत्री मोदी भी कई बार कह चुके हैं

अब इसी को लेकर आज ट्विटर पर मोनिका सिंह ने ट्वीट करते हुए कड़ा प्रहार किया हैं. मोनिका ने अपने ट्वीट में कहा हैं की ” कांग्रेस राज में नौकरी पाकर पिता का पेंशन खा रहे बेटे भी बोलते हैं कांग्रेस ने 70 सालों में क्या किया.”

आज इसी पर पिछले इतिहास देख लेते हैं की किसने क्या किया. पहली बात तो ये हैं की जो सत्ता में रहा उसने कुछ तो किया ही हैं भले वो अंग्रेज ही क्यों ना हो, कुछ तो किया ही था। अंग्रेजो की बात करे तो अंग्रेजों ने डाक सेवा शुरू की और ट्रेन चलाने की पटरियां बिछायी और एयरपोर्ट तक बनाएँ।

फिर यह नहीं कहा जा सकता है कि कांग्रेस ने कुछ नहीं किया, उन्होंने भी सत्ता में रहते कुछ तो किया ही होगा

1947 में जब देश आजाद हुआ था तब एक नवजात शिशु के समान था, सबसे बड़ी समस्या देश के रुप में खुद को स्थापित करने का था। 1947 के समय का भारत देखे आंकड़ों के हिसाब से.

1951 में जनगणना हुई उस समय भारत की जनसंख्या 36 करोड़ थी। 2019 अनुमानित जनसंख्या 136 करोड़ है।

आजादी के समय साक्षरता दर 12 ℅ थी आज 2019 में 74℅ है।

पाकिस्तान को 55 करोड़ रुपये देना था आजादी के तुरंत बाद।

लगभग 55 लाख शरणार्थी पाकिस्तान से भारत आये थे शरण लेने।

कश्मीर समस्या का उदय आजादी के तुरंत बाद हो चुका था।

1950 में संविधान लिखने की चुनौती और उसे लागू करना।

1952 में आम चुनाव , लोगों की प्रचंड आशा और विश्वास को बनाये रखना।

अब देखते हैं कांग्रेस ने क्या किया-

सबसे बड़ी समस्या सभी धर्म, जाति, अलग अलग भाषाओं वाले राज्यों और लोगों के मध्य एकता, सद्भावना और शांति बनाए रखने की थी। जिसे कांग्रेस ने अच्छे ढंग से किया।

भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती लोगों के थाली तक भोजन पहुंचाने की थी इसलिए 1958 में हरित क्रांति की शुरुआत की गई।

इंडोचीन युद्ध 1962 और पाकिस्तान से 1965 का युद्ध दोनों में भारत का अद्भुत प्रदर्शन था।

भारत में औद्योगीकरण, एम्स, आईआईटी, पीजीआई, आईटीआई, डिप्लोमा संस्थानों की नींव रखना।

सभी राज्यों को भारत संघ में मिलाना, सीमा का विवाद , पाकिस्तान और चीन जैसे पड़ोसियों से बचे रहना।

नक्सलियों से निपटना किसी चुनौती से कम नहीं था। पंजाब से खालिस्तानी आतंकवाद को समाप्त करना, 1991 में आर्थिक मंदी को समाप्त करना

मिडडे मील, मनरेगा एक अदद सूचना के लिए तरस रहे नागरिकों को सूचना का अधिकार देना कांग्रेस का सराहनीय काम था।

अब आप इसको गांव की भाषा में समझे तो ये कह सकते हैं की जिस तरह मोदी सरकार कहती हैं की कांग्रेस कुछ नहीं किया जो किया हमने किया एक तरह से समझिये की यह ऐसी लगती है जैसे मेरे ताऊ जी के पोते कह रहे हों कि “दादा जी ने जितना काम किया था, उसके मुकाबले मैंने 10 गुना काम, उनसे चौथाई समय में कर दिखाया।”

अब बता दूं कि जब उनके दादा ने उस काम को शुरू किया था, तब उनकी जेब में कुछ सौ रुपये भर थे। पति-पत्नी ने दिन-रात मेहनत कर, धीरे-धीरे उस काम को बढ़ाया। उनके पुत्र ने भी जीतोड़ मेहनत कर उस काम को आगे बढ़ाया।

जब तक पोते की उस काम को हाथ में लेने की बारी आई, तब तक 2–3 फैक्टरियां और स्कूल, होटल आदि खड़े हो चुके थे और बैंक एकाउंट में पैसों की कोई कमी नहीं थी। दो कोठियां भी बन चुकी थीं।

अब ऐसे समय यदि पोता अपने दादा के बारे में ऐसे बेहूदे बयान दे और हम उसकी बात पर रिसर्च करने के अंदाज़ में उसका समर्थन करें, तो गलती किसकी है, यह निर्णय मैं जनता पर छोड़ना चाहिए

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