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एयर इंडिया और BPCL के बाद BEML को बेचने की तैयारी में मोदी सरकार, जल्द होगी निलामी

देश में जब से मोदी की सरकार आयी है उसपर यह आरोप लगता आया है की यह सरकार कुछ ना कुछ बेचती ही रहती है. पहले BPCL MTNL और अब BEML का नंबर आ गया है.

मोदी सरकार का ऐलान, मार्च तक बेच देंगे एयर इंडिया और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन

बीपीसीएल में विनिवेश गाड़ी फिलहाल रुकने से सरकार ने अब अपना पूरा फोकस भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) के विनिवेश पर लगा दिया है. सरकार हर हाल पर विनिवेश के लिए निर्धारित लक्ष्य को हासिल करना चाहती है

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सरकार अब BEML में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही है. कारोबारी चैनल CNBC आवाज के मुताबिक ट्रांजेक्शन एडवाइजर ने हिस्सेदारी बेचने की सिफारिश की है. वर्तमान में कंपनी में सरकार के पास 54.03 प्रतिशत हिस्सेदारी है, और खबरों की मानें तो सरकार पूरी हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही है.

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आपको बता दें, सरकार की विनिवेश लिस्ट में BEML कंपनी पहले से ही है. पुराने प्रस्ताव के मुताबिक 28 फीसदी हिस्सा बेचने की तैयारी थी. हाल ही में इवेल्यूएशन कमेटी की बैठक में चर्चा हुई जिसमें ये बात निकल कर आई कि BEML में पूरी सरकारी हिस्सेदारी बेचने से अच्छी कीमत मिले

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आपको बता दे इससे पहले एयर इंडिया और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन को अगले साल मार्च तक सरकार द्वारा बेचने एलान खुद देश के वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में यह बात कही. वित्त मंत्री का बयान ऐसे समय में आया था जब देश वित्तीय तनाव का सामना कर रहा है और उस पर लगभग 58 हजार करोड़ रुपए का कर्ज चढ़ा हुआ है.

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बीते साल सरकार ने एयरलाइन में 76 प्रतिशत हिस्सेदारी और प्रबंधन नियंत्रण को रद्द करने के लिए एयर इंडिया के लिए EOI मंगाई थी लेकिन इसे एक भी बोली दाता नहीं मिला था. सरकार के पास वर्तमान में एयर इंडिया की 100 प्रतिशत इक्विटी है.

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एयर इंडिया की हिस्सेदारी बिक्री को भी पिछले साल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली क्योंकि निवेशकों ने शेष 24 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ सरकारी हस्तक्षेप की आशंका जताई थी

आपको बता दे की एयर इंडिया ने पिछले वित्त वर्ष में लगभग 4600 करोड़ रुपए का ऑपरेटिंग नुकसान दर्ज किया. तेल की ऊंची कीमतों और विदेशी मुद्रा के नुकसान के कारण ऐसा हुआ.